बालाघाट, अनुभूति कार्यक्रम
बॉटनिकल गार्डन गर्रा में विद्यार्थियों एवं वन विभाग के साथ जनप्रतिनिधियों के बीच संपन्न हुआ

दक्षिण सामान्य वन मंडल बालाघाट में अनुभूति कार्यक्रम 2025–26 का शुभारंभ
बॉटनिकल गार्डन गर्रा में विद्यार्थियों एवं वन विभाग के साथ जनप्रतिनिधियों के बीच संपन्न हुआ
बच्चों ने जाना वनों का महत्व
दक्षिण सामान्य वन मंडल बालाघाट अंतर्गत वन परिक्षेत्र वारासिवनी (सामान्य) में 6 जनवरी 2026 को अनुभूति कार्यक्रम 2025–26 का शुभारंभ कनकी वृत्त के बॉटनिकल गार्डन, गर्रा (वन कक्ष क्रमांक 513) में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रकृति, वन एवं वन्य प्राणियों के प्रति संवेदनशील बनाना तथा सतत एवं धारणीय जीवनशैली के प्रति जागरूक करना रहा।
कार्यक्रम में “मैं भी बाघ”, “हम हैं बदलाव” एवं “हम हैं धरती के दूत” थीम पर आधारित गतिविधियाँ आयोजित की गईं।
इस अवसर पर शासकीय विद्यालय कनकी, गर्रा, लेण्डेझरी एवं कायदी के कक्षा 9वीं से 11वीं तक के कुल 126 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। विद्यार्थियों को वन क्षेत्र में प्राकृतिक पथ भ्रमण एवं ट्रेकिंग के माध्यम से वनों का महत्व, जैव विविधता, वन्य प्राणियों के पगमार्क, विष्ठा एवं अन्य प्राकृतिक संकेतों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक श्री विक्की (विवेक) पटेल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में उपवनमंडल अधिकारी कटंगी (सामान्य) श्री बी.आर. सिरसाम, वन परिक्षेत्राधिकारी वारासिवनी (सामान्य) श्री छत्रपाल सिंह जादौन, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष वारासिवनी श्री सुनील राणा, जिलाध्यक्ष जिला एथलेटिक्स एसोसिएशन बालाघाट श्री नरेश धुवारे, ग्राम पंचायत गर्रा की पंच श्रीमती जुबैदा खान, पत्रकारगण श्री सिकंदर मिश्रा, श्री अशफाक खान, एवं ग्राम वन समिति गर्रा के अध्यक्ष श्री महेश केकटीकर सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
अनुभूति कार्यक्रम के अंतर्गत मास्टर ट्रेनर श्री सुरेंद्र बडीचार्य तथा अनुभूति प्रेरक श्री विनय ढौरे, श्री भवानीप्रसाद बिसेन, श्री सुनील मेरावी (वनरक्षक) द्वारा विद्यार्थियों को अनुभूति ब्रोशर के आधार पर फील्ड में वनों, वन्य प्राणियों, कीट-पतंगों एवं सूक्ष्म जीवों की सुरक्षा एवं उनके पारिस्थितिक महत्व के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। वन परिक्षेत्राधिकारी श्री छत्रपाल सिंह जादौन ने वन एवं वन्य प्राणियों से जुड़े रोचक एवं ज्ञानवर्धक तथ्यों को साझा करते हुए विद्यार्थियों को प्रकृति संरक्षण के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि श्री पटेल द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया।
अनुभूति कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 7:30 बजे विद्यार्थियों के एकत्रण एवं स्वल्पाहार के साथ हुई। इसके पश्चात प्राकृतिक पथ भ्रमण, प्रशिक्षण सत्र, संवाद एवं जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की गईं। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को भोजन कराया गया तथा पर्यावरण हितैषी जीवनशैली अपनाने के व्यावहारिक उपायों से अवगत कराते हुए वन एवं वन्य प्राणियों के संरक्षण में जन सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में उपवनक्षेत्रपाल श्री भास्कर उके, वनरक्षक श्री सुनील मेरावी, श्री कुंवरलाल नगपुरे, श्री रत्नदीप बोरकर, श्री नवीन बिसेन, श्री भवानी बिसेन, श्री लोकेश टेंभरे, श्री तुषार तितरमारे, श्री दिग्विजय मेश्राम, श्री मोहित सोनी, महिला वनरक्षक श्रीमती इंदु डायरे, श्रीमती सूर्या तिवारी, श्रीमती हिरकन हट्टेवार, श्रीमती भूनेश्वरी उद्दे एवं श्रीमती प्रेमलता राहंगडाले सहित समस्त वन अमले का महत्वपूर्ण योगदान रहा।













