रेलवे विभाग नपा को हस्तांतरित करेगा सरेखा अंडरपास
नपाध्यक्ष ने रेलवे, सेतू विभाग एवं तकनीकी टीम के साथ किया संयुक्त निरीक्षण
गौरी भाऊ के संकल्प हो रहे साकार
बालाघाट,शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम और सुरक्षित बनाने वाला सरेखा रेलवे अंडरपास अब पूर्णतः नवीनीकरण के बाद नए स्वरूप में सामने आया है। रेलवे विभाग द्वारा आधुनिक तकनीक से रिनोवेट किए गए इस अंडरपास को अब नगर पालिका परिषद बालाघाट को हस्तांतरित किया जा रहा है, जिसकी कागजी प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।
अंडरपास की गुणवत्ता, तकनीकी सुदृढ़ता एवं संचालन व्यवस्था का जायजा लेने के लिए नपाध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर ने रेलवे विभाग, सेतू संभाग एवं नगरपालिका की तकनीकी टीम के साथ संयुक्त निरीक्षण किया
गौरी भाऊ के संकल्प हुए साकार – दूरगामी सोच के दिखने लगे परिणाम
नपाध्यक्ष ने निरीक्षण के दौरान बताया कि शहर में यातायात समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिले के सर्वमान्य नेता गौरीशंकर बिसेन (गौरी भाऊ) द्वारा लिए गए संकल्प आज साकार होते दिख रहे हैं।
सरेखा आरओबी और उसके नीचे बने अंडरपास का निर्माण उसी दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सरेखा आरओबी एवं अंडरपास आज शहरवासियों को राहत दे रहे हैं, उसी तरह गर्रा आरओबी एवं भटेरा रोड आरओबी के साथ ही जागपुर बैनगंगा पुलिया भी शीघ्र ही जनता को समर्पित किए जाएंगे। यह सभी परियोजनाएं गौरी भाऊ की दूरगामी योजना और विकास दृष्टि का सशक्त प्रमाण हैं।
अंडरपास की आकर्षक चित्रकारी बनी शहर की सुंदरता का प्रतीक
नपाध्यक्ष ने बताया कि सरेखा रेलवे अंडरपास में पूर्व में जलभराव और सड़क क्षति जैसी समस्याएं सामने आई थीं। इन्हीं खामियों को ध्यान में रखते हुए रेलवे विभाग द्वारा इसका संपूर्ण पुनर्निर्माण कराया गया है।
अब यहां आकर्षक चित्रकारी, बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था और आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे यह अंडरपास न केवल यातायात के लिए सुरक्षित हुआ है बल्कि शहर की सुंदरता भी बढ़ा रहा है
मेट्रो सिटी की तर्ज पर किया गया तकनीकी नवाचार
रेलवे विभाग द्वारा अंडरपास के पुनर्निर्माण में मेट्रो सिटी की तकनीक अपनाई गई है। जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान हेतु सेंसरयुक्त मोटर पंप लगाए गए हैं, जो पानी भरते ही स्वतः चालू हो जाएंगे और पानी को पंप हाउस में भेज देंगे।
इस तकनीक के संचालन एवं देखरेख के लिए नगरपालिका के 6 कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, जिससे भविष्य में लंबे समय तक किसी सुधार कार्य की आवश्यकता न पड़े।
नपाध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर ने कहा कि —
“पूर्व में जब यह अंडरपास प्रारंभ किया गया था, तब इसमें अनेक खामियां सामने आई थीं। पानी का रिसाव होता था और नीचे बनी सड़क बहुत कम समय में खराब हो गई थी। इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए रेलवे विभाग द्वारा निविदाकार से सभी सुधार कार्य कराए गए हैं।
आज हमने समस्त इंजीनियरों एवं तकनीकी विशेषज्ञों के साथ यहां निरीक्षण एवं जांच की है। सभी तकनीकी परीक्षणों के बाद यह अंडरपास अब पूरी तरह गुणवत्तायुक्त और सुरक्षित प्रतीत हो रहा है। सभी प्रकार की जांच पूरी होने के उपरांत इसे विधिवत नगर पालिका परिषद को हस्तांतरित किया जाएगा, ताकि इसका बेहतर संचालन सुनिश्चित किया जा सके।”
रेलवे, सेतू विभाग एवं नपा का संयुक्त निरीक्षण
संयुक्त निरीक्षण के दौरान यह जानकारी दी गई कि अंडरपास में लगाए गए सेंसरयुक्त पंप जलभराव की आशंका होते ही स्वतः सक्रिय हो जाएंगे। पुनर्निर्माण के बाद अंडरपास को जल्द ही प्रारंभ कर दिया जाएगा और हस्तांतरण प्रक्रिया पूर्ण होते ही नगर पालिका द्वारा इसका सुव्यवस्थित संचालन किया जाएगा।
निरीक्षण के दौरान नपाध्यक्ष भारती सुरजीतसिंह ठाकुर के साथ उपाध्यक्ष योगेश बिसेन, सभापति वकील वाधवा, कमलेश पांचे, सेतू विभाग के कार्यपालन यंत्री अर्जुन सनोडिया, रेलवे विभाग के इंजीनियर्स, सीएमओ बी.डी. कतरोलिया, इंजीनियर सुमित मोटवानी, ज्योति मेश्राम सहित तकनीकी अमला उपस्थित रहा।













