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जिला ब्यूरो रिपोर्ट

लैब टेक्नीशियन की अनुपस्थिति में किसी भी मरीज का खून कोई भी निकाल रहा ?

बिना दस्तावेज के चल रहा था समर्थ डे केयर मल्टी स्पेशलिटी  क्लीनिक,, पैथोलॉजी लैब हुआ सील

  लैब टेक्नीशियन की अनुपस्थिति में किसी भी मरीज का खून कोई भी निकाल रहा ?

जिला प्रशासन के जिम्मेदार दृष्टराज बन कर काले चश्मे पहने हुए हैं जहां बैहर मेन रोड पर स्थित बड़े बड़े बैनर पोस्टर लगाकर खुलयाम किसी का भी खून निकाला जा रहा

जिला प्रशासन को मीडिया के माध्यम से अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब को लेकर पारदर्शिता के साथ खबर दिखाई गई जिसके चलते, मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारी CHMO, परेश उपलप के निर्देशन पर टिम गठित कर  त्वरित कार्रवाई करते हुए की 7 दिवस के भीतर कारण बताओ नोटिस दिया गया साथ ही पुख्ता दस्तावेज नहीं पाए जाने पर समर्थ डे केयर मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक के पैथोलॉजी लैब को शील किया गया,

जानकारी के अनुसार समर्थ डे केयर मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक पेथो-लेब के संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया जहां बालाघाट,  जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता एवं वैधानिक व्यवस्थाओं के पालन को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार सख्ती बरत रहा है।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में चल रहे अवैध रूप से, संचालित फर्जी डॉक्टर एवं, चिकित्सा संबंधित व्यवसाय पर रोक लगाने के उद्देश्य से जिला मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी CHMO के नेतृत्व में गठित निरीक्षण दल ने बालाघाट जिले में चल रहे अवैध क्लीनिक, पैथोलॉजी, का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।

जांच में सामने आया कि लैब का संचालन बिना वैध पंजीयन एवं अनुज्ञप्ति के किया जा रहा था। साथ ही, अन्य क्लीनिक के पंजीयन प्रमाण-पत्र एवं लाइसेंस का अवैध उपयोग किया जा रहा था। निरीक्षण के दौरान  डे केयर मल्टीस्पेशलिटी क्लीनिक एवं लैब पैथोलॉजी के संचालक को नोटिस जारी किया गया

      निरीक्षण दल को यह भी जानकारी मिली कि लैब में कार्यरत कर्मचारियों द्वारा ही जांच कर रिपोर्ट तैयार की जाती थी और डॉक्टर के हस्ताक्षर युक्त सील का उपयोग किया जाता था। इसके अलावा बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन के लिए आवश्यक पंजीयन एवं अधिकृत संस्था से अनुबंध भी उपलब्ध नहीं पाया गया।

जांच के दौरान यह भी स्पष्ट हुआ कि लैब संचालक अधिकारी के निरीक्षण के समय उपस्थित नहीं थे। वहीं, हॉस्पिटल परिसर में किराये पर संचालित इस लैब के अनुबंध का नवीनीकरण संबंधी दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए।

इन सभी तथ्यों के आधार पर संबंधित संचालक के विरुद्ध मध्यप्रदेश नर्सिंग होम एक्ट 1973 के प्रावधानों के उल्लंघन का मामला बनता पाया गया है। इसी परिप्रेक्ष्य में उन्हें 7 दिवस के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समयावधि में संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं करने पर नियमानुसार दण्डात्मक कार्रवाई की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के विरुद्ध आगे भी इस तरह के सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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  • खबर एमपी न्यूज़ एक्सप्रेस'

    एक भरोसेमंद चैनल है जो जनता की आवाज़ को बुलंद करता है।यह चैनल निष्पक्ष, ताज़ा और ज़मीनी हकीकत से जुड़ी खबरें दिखाने के लिए समर्पित है।देश के हर कोने से विश्वसनीय और सच्ची रिपोर्टिंग इसकी पहचान होगी।

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