बालाघाट जिला ब्यूरो रिपोर्ट
वारासिवनी में जनपद पंचायत भवन निर्माण के लिए ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने किया भूमिपूजन

बालाघाट प्रवास पर विभिन्न कार्यक्रम में शामिल हुए ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल
वारासिवनी में जनपद पंचायत भवन निर्माण के लिए ग्रामीण विकास मंत्री श्री पटेल ने किया भूमिपूजन

*5.25 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा अटल सुशासन भवन (जनपद पंचायत भवन* )
प्रदेश की पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाया जाएगा— मंत्री श्री पटेल

प्रदेश सरकार अगले 40 से 50 साल की आवश्यकताओ को ध्यान में रखकर पंचायत भवनो का निर्माण करा रही है। इन पंचायत भवनों को अटल ग्राम सेवा सदन नाम दिया गया है। यह केवल भवन मात्र नही होंगे बल्कि आमजन को सुशासन देने का काम करेंगे। प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है। प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में आजीविका भवन बनाया जाएगा। यह बाते मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बालाघाट जिले के वारासिवनी में 5 करोड़ 25 लाख 67 हजार रुपए की लागत से बनने वाले अटल सुशासन भवन (जनपद पंचायत भवन) के भूमिपूजन कार्यक्रम मे उपस्थित जनसमुदाय को सम्बोधित करते हुए कही।
कार्यक्रम में सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक विवेक विक्की पटेल, गौरव सिंह पारधी, जिला पंचायत अध्यक्ष सम्राट सिंह सरस्वार, पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रदीप जायसवाल, कलेक्टर मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा, जिला पचायत सीईओ ,अभिषेक सराफ, जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजा लिल्हारे, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती माया उइके, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती पुष्पा अमूले, ग्राम पंचायतों के सरपंच, अन्य गणमान्य नागरिक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंत्री पटेल ने वारासिवनी को नए जनपद पंचायत भवन की सौगात मिलने के लिए शुभकामनाऍ देते हुए कहा कि यह भवन ग्रामीणों को सुशासन के साथ ही अच्छी सेवाए देने के लिए काम करेगा। प्रदेश में 106 जनपद पंचायत भवन निर्माण के कार्य स्वीकृत किये गए है जिन्हें अटल सुशासन भवन का नाम दिया गया है। प्रदेश के चार नए जिलों एवं दतिया जिले में जिला पंचायत भवन की स्वीकृति दी गई है और इसे अटल जिला प्रशासन भवन का नाम दिया गया है। प्रदेश में 2472 नए पंचायत भवन स्वीकृत किये गए है जिन्हें अटल ग्राम सेवा सदन का नाम दिया गया है। अब तक प्रदेश में ग्राम पंचायत भवन दो मंजिला नही बनते थे, लेकिन उन्होंने मंत्री बनने के बाद तय किया कि आने वाले 40 से 50 साल की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए तीन मंजिला तक ग्राम पंचायत भवन बनाए जाएंगे। पंचायत भवनो का डिजाईन भी इस प्रकार से तैयार किया गया है कि कोई इसमें परिवर्तन नही कर सके। जैसा डिजाईन है वैसा ही पंचायत भवन बनाना होगा। जनपद पंचायत भवन 02 एकड़ मे बनाया जाएगा और इसमें आधे एकड़ में जंगल होंगे।
दिसम्बर 2026 तक हर गांव का होगा अपना श्मशान घाट
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि ग्राम पंचायतों में सामाजिक कार्यों के लिए सामुदायिक भवन स्वीकृत किये गए है और इसमें स्वच्छता परिसर अलग से दिये गए है। जिन पंचायतों की आबादी 05 हजार से ज्यादा है वहां पर 02 सामुदायिक भवन दिये जाएंगे। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश मे ऐसे भी गांव है जिनमें मरघट (श्मशान घाट) नही है या उन तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नही है। हमारी सरकार ने तय कर लिया है कि दिसम्बर 2026 तक हर गांव का अपना श्मशान घाट होगा और उस तक पहुंचने के लिए सीसी रोड़ होगी। यदि गांव की श्मशान घाट की भूमि पर अतिक्रमण कर लिया गया है तो उसे सख्ती से हटाया जाएगा। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 11 लाख 66 हजार प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किये गए है। वर्ष 2027 तक प्रदेश में कोई भी पात्र व्यक्ति बिना आवास का नही रहेगा।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए काम कर रही है। ग्राम पंचायते आत्मनिर्भर बनेगी तो प्रदेश भी आत्मनिर्भर बनेगा। आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं के लिए प्रत्येक पंचायत में एक आजीविका भवन बनाया जाएगा।
सांसद श्रीमती भारती पारधी ने इस अवसर पर अपने सम्बोधन में कहा कि केंद्र एवं राज्य सरकार जिस तरह से काम कर रही है उससे बालाघाट जिला निरंतर विकास की ओर बढ़ रहा है। हमारी सरकार ने दलगत भावना से ऊपर उठकर काम किया है और किसी भी जनप्रतिनिधि के साथ भेदभाव नही किया है। बगैर पक्षपात के जहां आवश्यकता है वहां काम स्वीकृत किये है। उन्होंने कहा कि वारासिवनी में नवीन जनपद पंचायत भवन बनने से इस क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी।
विधायक श्री विवेक विक्की पटेल ने इस अवसर पर वारासिवनी को नवीन जनपद पंचायत भवन दिलाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके द्वारा क्षेत्र की आवश्यकता के लिए जो कुछ भी काम की मांग की गई है मंत्री श्री पटेल ने उन्हें सहर्ष स्वीकृति प्रदान की है। उन्होंने कहा कि वारासिवनी क्षेत्र को आगे भी इसी तरह की सौगाते मिलते रहेंगी।
वारासिवनी में अटल सुशासन भवन ( जनपद पंचायत भवन) 05 करोड़ 25 लाख 67 हजार रुपए की लागत से बनाया जाएगा। इसका निर्माण ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग क्रमांक-2 द्वारा किया जाएगा। इस भवन में वीडियो कांफ्रेंस एवं वर्चुअल मीटिंग की भी सुविधा उपलब्ध रहेगी।
मंत्री पटेल ने नारायण सिंह स्मृति हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया

मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने 11 जनवरी को बालाघाट प्रवास के दौरान 51वीं स्व. नारायण सिंह स्मृति गोल्ड कप अखिल भारतीय हॉकी प्रतियोगिता का शुभारंभ किया। 11 जनवरी से 17 जनवरी तक चलने वाली इस प्रतियोगिता का शुभारंभ मेच बालाघाट एवं बिलासपुर की टीमों के बीच खेला गया।
प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे, श्री गौरव सिंह पारधी, श्री राजकुमार कर्राहे, कलेक्टर श्री मृणाल मीना, पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा, जिला पचायत सीईओ श्री अभिषेक सराफ, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजा लिल्हारे, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती सुरजीत ठाकुर, श्री किरण भाई त्रिवेदी, श्रीमती लता एलकर, श्री अभय सेठिया, श्री सत्यनारायण अग्रवाल, श्री गणेश अग्रवाल, श्री आनंद कोछड़, अन्य गणमान्य नागरिक, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
श्रमिक पंचायत में शामिल हुए पंचायत मंत्री श्री पटेल
भारतीय जनता मजदूर महासंघ द्वारा नूतन कला निकेतन बालाघाट में 11 जनवरी को श्रमिक पंचायत का आयोजन किया गया। इसमें मध्यप्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक श्री गौरव सिंह पारधी, श्री राजकुमार कर्राहे, पूर्व मंत्री श्री रामकिशोर कावरे, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती भारती ठाकुर, श्रीमती लता एलकर, आनंद कोछड़, श्री योगेश नगपुरे, श्री अभय सेठिया, अन्य गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।
मंत्री श्री पटेल ने इस अवसर पर श्रमिको को सम्बोधित करते हुए कहा कि उनके द्वारा पहले असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए काम किया गया है। प्रदेश सरकार के श्रम मंत्री होने के नाते वे मजदूरो एवं श्रमिको के कल्याण का ख्याल रखेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कई तरह की चुनौतिया है, कोई भी समाज बगैर मेहनत का काम किये खड़ा नही हो सकता है। पहले श्रमिको का पीएफ कटता था लेकिन वापस नही मिलता था। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने मजदूरों के खाते में पीएफ की राशि डालने का काम किया है।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिको के कल्याण के लिए काम कर रही है। प्रत्येक श्रमिक के पास संबल कार्ड होना चाहिए। श्रमिको के साथ दुर्घटना होने पर सरकार उनकी मदद के लिए हमेशा साथ में खड़ी रहेगी। सरकार ने आयुष्मान कार्ड पर 05 लाख रुपए तक के इलाज की सुविधा दी है। श्रमिको के बच्चों के लिए श्रमोदय विद्यालय एवं आईटीआई संचालित की जा रही है। श्रमिक वर्ग इनका लाभ उठाए और अपने बच्चों को इन संस्थानों में पढ़ाई के लिए भेजे। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना एवं प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में बहुत कम राशि पर बीमा की सुविधा दी गई है। श्रमिको को इन योजनाओं का लाभ लेना चाहिए। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि आने वाले समय में संभाग के एक स्थान पर श्रमिको एवं हम्मालो की पंचायत बुलाकर उनकी समस्याओं का सुना जाएगा।
कपिलधारा कूप से बदली धरमदत्त की तकदीर
कूप निर्माण से किसान को मिला स्थायी संबल

महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत खैरलांजी जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत बेनी में किया गया कपिलधारा कूप निर्माण आज किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इस योजना ने न केवल सिंचाई की समस्या का समाधान किया है, बल्कि किसानों की आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त भी बनाया है।
ग्राम पंचायत बेनी के निवासी एवं लाभार्थी किसान धरमदत्त शंकर सावजी के खेत पर कपिलधारा कूप का निर्माण 27 दिसंबर 2023 को प्रारंभ किया गया। लगभग ₹1 लाख 62 हजार 966 रुपये की लागत से पूर्ण हुए इस कार्य से 331 मानव दिवस का रोजगार भी सृजित हुआ। कूप निर्माण का क्रियान्वयन ग्राम पंचायत बेनी द्वारा किया गया, जिसमें ग्राम रोजगार सहायक श्री सुनील पटले एवं श्री रमेश धुर्वे का तकनीकी सहयोग रहा।
कूप निर्माण से पहले किसान पूरी तरह वर्षा पर निर्भर था। समय पर सिंचाई न हो पाने के कारण फसल उत्पादन सीमित रहता था और आमदनी भी प्रभावित होती थी। लेकिन कपिलधारा कूप बनने के बाद खेत में सालभर सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हो गई। इसका सीधा लाभ यह हुआ कि किसान अब रबी और जायद मौसम में भी सब्जियों की खेती कर पा रहा है। इस स्थायी जल स्रोत के कारण खेती का दायरा बढ़ा और उत्पादन में उल्लेखनीय सुधार हुआ। परिणामस्वरूप किसान की वार्षिक आय में लगभग ₹11 हजार की वृद्धि दर्ज की गई। बढ़ी हुई आय से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और जीवनयापन पहले की तुलना में अधिक सुरक्षित हुआ है।
ग्रामीणों का कहना है कि मनरेगा के तहत निर्मित यह कूप केवल एक संरचना नहीं, बल्कि किसानों के लिए आत्मनिर्भरता की नींव है। वहीं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने भी बताया कि मनरेगा के माध्यम से किए जा रहे जल संरक्षण और सिंचाई कार्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कपिलधारा कूप निर्माण जैसी योजनाएं यह साबित कर रही हैं कि सही दिशा में किया गया विकास कार्य ग्रामीण जीवन में स्थायी बदलाव ला सकता है और किसा










