बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सेवती में धान व्यापारी, सहित पाराशर राइस मिल पर भी की गई कार्यवाही
635 क्विंटल धान का स्टॉक जब्त

बालाघाट जिले के लांजी क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सेवती में धान व्यापारी, सहित पाराशर राइस मिल पर भी की गई कार्यवाही
635 क्विंटल धान का स्टॉक जब्त
बालाघाट जिले की किरनापुर तहसील अंतर्गत ग्राम सेवती में 20 दिसंबर को कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री मिलन तिवारी एवं मंडी निरीक्षक श्री भीमेंद्र चौधरी द्वारा धान व्यापारी मनीष असाटी के प्रतिष्ठान मेसर्स असाटी ट्रेडर्स का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान व्यापारी के यहां 635 क्विंटल धान का स्टॉक पाया गया, जिसे नियमानुसार जब्त करते हुए व्यापारी की सुपुर्दगी में दिया गया। साथ ही धान उपार्जन कार्य पूर्ण होने तक जब्त की गई धान के विक्रय पर रोक लगा दी गई है।
जिला प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने एवं अवैध भंडारण व विक्रय पर प्रभावी नियंत्रण का संदेश गया है। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी एवं भंडारण में अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
धान व्यापार एवं राईस मिल की जांच, अनियमितता पर प्रशासन की कार्रवाई
पाराशर राइस मिल पर मंडी शुल्क की पांच गुना पेनाल्टी लगाई गई
बालाघाट जिले की किरनापुर तहसील अंतर्गत ग्राम सेवती में 20 दिसंबर 2025 को कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी श्री मिलन तिवारी एवं मंडी निरीक्षक श्री भीमेंद्र चौधरी द्वारा धान व्यापारियों एवं राइस मिलों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान असाटी ट्रेडर्स, सेवती का परीक्षण किया गया, जहां प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर श्री मनीष असाटी मौके पर उपस्थित पाए गए।
जांच के दौरान श्री असाटी के यहां 635 क्विंटल धान का स्टॉक पाया गया, जिसे कलेक्टर महोदय के निर्देशानुसार मौके पर जब्त कर श्री मनीष असाटी की सुपुर्दगी में दिया गया। साथ ही धान उपार्जन अवधि समाप्त होने तक जब्त की गई धान के विक्रय पर पूर्ण रूप से रोक लगा दी गई है। उन्हें स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि बिना भारसाधक अधिकारी (मंडी) की अनुमति के धान का विक्रय न किया जाए।
इसके अतिरिक्त पाराशर राइस मिल की जांच के दौरान मंडी पोर्टल के अनुसार दर्ज 230 क्विंटल धान का स्टॉक मौके पर उपलब्ध नहीं पाया गया। इस अनियमितता के चलते मिल के प्रोपराइटर श्री अंशुल पाराशर के विरुद्ध नियमानुसार मंडी शुल्क की 5 गुना राशि वसूल करने की कार्रवाई की गई है।
प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई से धान उपार्जन व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखने एवं अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई का स्पष्ट संदेश दिया गया है।













