भारत का भविष्य अत्यंत उज्जवल है : विनोद दिनेश्वर

भारत का भविष्य अत्यंत उज्जवल है : विनोद दिनेश्वर
कारंजा, लांजी/
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य पर श्री विजयदशमी उत्सव एवं पथ संचलन संघ के तृतीय सरसंघचालक पूज्य बालासाहेब देवरस और सरस्वती शिशु मंदिर के प्रणेता मान. भाऊराव देवरस की जन्मभूमि कारंजा, खण्ड लांजी जिला बालाघाट में संपन्न हुआ ।
इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित संघ के प्रांत प्रचार प्रमुख विनोद दिनेश्वर ने संबोधित करते हुए कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जी ने जो सपना देखा था भारत अपनी संस्कृति के दम पर विश्व गुरु बने वह समय अब बहुत नजदीक है। हम वो पीढ़ी हैं जो ‘याचि देहि याचि डोला’ डॉ हेडगेवार के इस ध्येय वाक्य का सौभाग्य मिल रहा है।
1925 में डॉ हेडगेवार जी ने नागपुर में जो बीजारोपण किया था वह आज वटवृक्ष हो गया है। लेकिन संघ का लक्ष्य वटवृक्ष करना नहीं था। संघ को और बड़ा करना उद्देश्य नहीं रहा। संघ का उद्देश्य है चरित्र सम्पन्न सुसंस्कारित निष्ठावान स्वयंसेवक और समाज की सज्जन शक्ति के बल पर भारत माता का मस्तक हमेशा सिरमौर रखना।
समाज से आवाहन करते हुए विनोद दिनेश्वर ने कहा कि जब हम वर्तमान परिदृश्य का विचार करते हैं तो भारत का भविष्य उज्जवल दिखाई देता है लेकिन अनेक चुनौतियाँ भी सामने खड़ी हैं। उन चुनौतियाँ का समाधान भी समाज को संगठित होकर करना होगा तभी भारत सामर्थ्यशाली बनेगा। चुनौतियाँ हैं एकल होते परिवार, समरसता की कमी, स्वबोध का अभाव, पर्यावरण युक्त जीवन शैली की कमी और नागरिक कर्तव्य के प्रति उदासीनता। इन पाँच चुनौतियों से समाज को जागृत होना ही होगा।
इसके पूर्व ग्राम में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया जिसका समाज की माताओं बहनों ने पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया।
कार्यक्रम में मंच पर मुख्य अतिथि सेवा निवृत प्रिंसिपल श्री दयालाल जी बनोठे तथा खंड संघचालक श्री विजय जी रामटेककर उपस्थित थे। साथ ही बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक तथा माता भगिनी उपस्थित रहीं।













