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डाबरी में पहुंची स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम, बच्‍चों एवं ग्रामीणो का किया स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण

डाबरी में पहुंची स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम, बच्‍चों एवं ग्रामीणो का किया स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण

डाबरी गांव में दो बच्‍चों की हुई है मृत्‍यु

बीमार होने पर झाड़फूंक एवं पंडा-पुजारी के चक्‍कर न पड़े— डॉ. उपलप

बिरसा विकासखंड के ग्राम डाबरी में मलेरिया से 02 बच्‍चों की मृत्‍यु होने की सूचना प्राप्‍त होते ही कलेक्‍टर श्री मृणाल मीना ने इसे संज्ञान मे लेते हुए मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ. परेश उपलप को स्‍थल पर पहुंचकर वस्‍तुस्थिति देखने तथा पीडि़त मरीजो के उपचार की समुचित व्‍यवस्‍था करने के निर्देश दिए।

मुख्‍य चिकित्‍सा एवं स्‍वास्‍थ्‍य अधिकारी डॉ. परेश उपलप 14 अक्‍टूबर को अपनी पूरी टीम के साथ ग्राम डाबरी पहुंचे थे। उन्‍होंने बताया कि ग्राम डाबरी के 10 वर्षीय बालक प्रवीण मनोज मेरावी की 13 अक्‍टूबर की सुबह 09 बजे मृत्‍यु हुई है। इस बच्‍चे को मलेरिया था और उसे मलेरियॉ की दवाऍ दी जा रही थी और वह स्‍वस्‍थ हो गया था। 12 अक्‍टूबर को रात में अचानक उसका स्‍वास्‍थ्‍य खराब हुआ और उसे तेज बुखार आया था। 05 वर्षीय बालिका आयुषी धनीराम तिलगाम लातरी आंगनवाड़ी केद्र में अध्‍ययनरत थी। उसे भी मलेरियॉ हुआ था और वह उसकी दवा खा रही थीं। आयुषी की मॉ आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है। 10 अक्‍टूबर को बालिका की मलेरियॉ जांच हुई थी। 11 अक्‍टूबर को रात में आयुषी की तबियत गड़बड़ हुई और रात्रि 03 बजे उसकी मृत्‍यु हो गई। दोनो मृत बच्‍चों की रात्रि में तबियत गड़बड़ होने पर उनके परिजन उन्‍हें झाड़फूक कराने के लिए पंडा-पुजारी के पास लेकर गए थे। गांव के पंडा द्वारा बच्‍चों को कुछ दवा दी गई थी, जिससे उनका शरीर पीला पड़ गया था और उनकी मृत्‍यु हो गई थी।

डॉ. उपलप ने बताया कि डाबरी एवं आसपास के गांव में मलेरिया का सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसके लिए 40 कम्‍युनिटी वालिंटियर एवं कम्‍युनिटी हेल्‍थ वालिंटियर को लगाया गया है। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम 15 अक्‍टूबर को भी डाबरी मे रहेगी और बीमार लोगो के स्‍वास्‍थ्‍य पर नजर रखेगी। 14 अक्‍टूबर को मलेरिया से पीडि़त एक बालक को सोनगुड्डा के स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र में भर्ती कराया गया है। स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम ने डाबरी के स्‍कूलों में बच्‍चों का स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण करने के साथ ही ग्रामीणों का भी स्‍वास्‍थ्‍य परीक्षण किया है। डॉ. उपलप ने बताया कि ग्रामीणों को सलाह दी गई है कि बीमार होने पर गांव की एएनएम के पास जांच के लिए जाए। गांव में 24 घंटे एएनएम की सेवा उपलब्‍ध रहती है। बीमार होने पर झाड़फूंक एवं पंडा-पुजारी के चक्‍कर में कतई न जाए। तंत्र-मंत्र से बीमारी को ठीक नही किया जा सकता है बीमारी केवल दवाओं से ही ठीक हो सकती है।

डॉ. उपलप ने बताया कि ग्राम डाबरी में गांव का भ्रमण कर स्‍वास्‍थ्‍य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को सलाह दी कि मच्‍छरों को न पनपने दे। अपने घरों के आसपास गड्ढों एवं नाली आदि में पानी जमा न होने दे। मच्‍छरों से बचाव के लिए सोते समय मच्‍छरदानी का उपयोग करें। कपड़े ऐसे पहने की पूरा बदन ढका रहें और मच्‍छर न काट सकें। बुखार आने पर गांव के एएनएम के पास जाकर मलेरिया की जांच अवश्‍य कराऍ।

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  • खबर एमपी न्यूज़ एक्सप्रेस'

    एक भरोसेमंद चैनल है जो जनता की आवाज़ को बुलंद करता है।यह चैनल निष्पक्ष, ताज़ा और ज़मीनी हकीकत से जुड़ी खबरें दिखाने के लिए समर्पित है।देश के हर कोने से विश्वसनीय और सच्ची रिपोर्टिंग इसकी पहचान होगी।

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