पति से अवैध संबंध के शक में महिला ने सहेली संग मिलकर की हत्या
पति से अवैध संबंध के शक में महिला ने सहेली संग मिलकर की हत्या
बालाघाट पुलिस ने किया अंधे कत्ल का खुलासा – साक्ष्य नष्ट करने के बावजूद तीन आरोपी गिरफ्तार
बालाघाट। थाना परसवाड़ा पुलिस ने एक सनसनीखेज अंधे कत्ल का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पति से अवैध संबंध के शक में एक महिला ने अपनी सहेली के साथ मिलकर गांव की ही एक महिला की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने तकनीकी जांच और लगातार प्रयासों से आरोपियों तक पहुंचकर मामले का सफल खुलासा किया।
*घटना का पूरा विवरण*
दिनांक 03 अक्टूबर 2025 को थाना परसवाड़ा को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम कुमनगांव स्थित परसाठी मुरूम गड्ढा के पास एक महिला का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा है।
पुलिस मौके पर पहुँची और शव की पहचान लेखवती यादव (30 वर्ष, निवासी कुमनगांव) के रूप में की गई।
मामला संदिग्ध पाए जाने पर एफएसएल यूनिट एवं डॉग स्क्वॉड की सहायता से साक्ष्य संकलित किए गए और अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 142/2025, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया।
*जांच टीम का गठन*
पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा (भा.पु.से.) के निर्देशन,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बैहर श्री आदर्शकांत शुक्ला (भा.पु.से.) और
एसडीओपी परसवाड़ा श्री अरविन्द कुमार शाह के मार्गदर्शन में थाना परसवाड़ा, लामता और चांगोटोला की संयुक्त टीम गठित की गई।
टीम ने सघन जांच के दौरान 100 से अधिक मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण,
गवाहों से पूछताछ और गुप्त सूचना तंत्र का उपयोग करते हुए मामले की तह तक पहुंच बनाई।
हत्या का कारण और खुलासा
पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी सुखिया उर्फ सविता यादव को संदेह था कि उसके पति नंदकिशोर यादव के मृतका लेखवती यादव से अवैध संबंध थे।
इसी शक में सविता ने अपनी सहेली भूरी उर्फ उर्मिला मेरावी के साथ मिलकर लेखवती की हत्या की साजिश रची।
02 अक्टूबर 2025 की शाम लगभग 7 बजे दोनों ने लेखवती को मंदिर जाने के बहाने मुरूम गड्ढा के पास बुलाया और साड़ी के पल्लू से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद शव को झाड़ियों में लेंडिया के पेड़ के नीचे फेंक दिया गया।
*सबूत मिटाने की कोशिश*
हत्या के बाद आरोपियों ने मृतका का मोबाइल फोन तोड़ दिया।
बीटोला की सहायता से मोबाइल को परोकर कुरेआ के नाले में फेंका गया,
जबकि आरोपी सविता यादव ने सिम कार्ड को दाँत से काटकर नष्ट कर दिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कई झूठी कहानियाँ बताईं,
परंतु अंततः उन्होंने मोबाइल को नाले में फेंकने की बात स्वीकार की।
नाले में तेज पानी के बहाव के बावजूद एसडीआरएफ टीम, थाना परसवाड़ा पुलिस और मेटल डिटेक्टर की मदद से मोबाइल और सिम के टुकड़े बरामद किए गए।
*गिरफ्तार आरोपी*
सुखिया उर्फ सविता पति नंदकिशोर यादव, उम्र 23 वर्ष, निवासी कुमनगांव, थाना परसवाड़ा
भूरी उर्फ उर्मिला पिता अशोक मेरावी, उम्र 18 वर्ष, निवासी कुमनगांव, थाना परसवाड़ा
रविशंकर पिता नूरेलाल सोनवाने, उम्र 26 वर्ष, निवासी श्रीजाटोला, थाना परसवाड़ा
तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है।
*जप्त सामग्री*
तीनों आरोपियों के मोबाइल फोन
मृतका के मोबाइल के टुकड़े
क्षतिग्रस्त सिम कार्ड (जिसे आरोपी सविता ने दाँत से काटा)
महिला आरोपियों के कपड़े
आरोपी की मोटरसाइकिल
मोबाइल तोड़ने में प्रयुक्त पत्थर
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिकाइस प्रकरण के खुलासे में थाना परसवाड़ा के निरीक्षक मदन इवने,
थाना लामता के निरीक्षक नितिन पटले,
थाना चांगोटोला के उपनिरीक्षक शशांक राणा,
उपनिरीक्षक फूलकली तिलगाम, सउनि धरमचंद बघेले, सउनि रतन कुंजाम,
प्र.आर. कृष्णकांत उपाध्याय, आरक्षक नितिन बिसेन, नितिन जोशी,
सुरेश पंद्रे, जितेंद्र पटले, रामगोपाल घोषी, राहुल पारासर,
सोनसिंह मरकाम, अजय मरकाम, अमरदीप सिंह, राघवेंद्र तोमर,
हरिओम कश्यप, राहुल गुर्जर,
महिला आरक्षक शशि उइके एवं मनीषा पंचेश्वर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
साथ ही सायबर सेल बालाघाट के आरक्षक बलिराम यादव, प्रदीप पुढे और अजय नामदेव का तकनीकी सहयोग सराहनीय रहा।
एसपी आदित्य मिश्रा ने टीम को दी बधाई
पुलिस अधीक्षक श्री आदित्य मिश्रा (भा.पु.से.) ने पूरी टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि —
“अंधे कत्ल जैसे जटिल मामलों के खुलासे में टीमवर्क और तकनीकी जांच का विशेष महत्व है।
बालाघाट पुलिस की यह सफलता साबित करती है कि अपराधी किसी भी कीमत पर कानून से नहीं बच सकते।”













