अंतर्राज्यीय ऑनलाइन फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, एक आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार

अंतर्राज्यीय ऑनलाइन फ्रॉड गिरोह का भंडाफोड़, एक आरोपी राजस्थान से गिरफ्तार
जिला दण्डाधिकारी बालाघाट के नाम से फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों से रुपए की मांग करने वाले अंतर्राज्यीय ऑनलाइन फ्रॉड गिरोह के एक आरोपी को थाना कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
बालाघाट पुलिस की स्पेशल टीम ने राजस्थान के डीग जिले के ग्राम खेड़ा से आरोपी जावेद पिता कासम मुसलमान (मेवाती), उम्र 30 वर्ष को पकड़ा। आरोपी ने अपने साथी परवेज के साथ मिलकर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर धोखाधड़ी करने की बात कबूल की है।
पुलिस टीम ने लगभग 1400 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए राजस्थान, हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं में फैले मेवाती क्षेत्र में छह दिनों तक लगातार दबिश दी। इस दौरान साइबर सेल ने 80 मोबाइल नंबरों, 30 IMEI और कई बैंक खातों का गहन विश्लेषण किया, जिससे आरोपी तक पहुंचा जा सका।
आरोपी जिला दण्डाधिकारी श्री मृणाल मीना के नाम और फोटो का उपयोग कर फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर लोगों से पैसों की मांग कर रहा था। शिकायत पर थाना कोतवाली में अपराध दर्ज किया गया था।
पुलिस कार्रवाई:
साइबर क्राइम पोर्टल (1930) के माध्यम से संदिग्ध बैंक खातों को फ्रीज कराया गया।
फर्जी आईडी से जुड़े लोगों को साइबर अलर्ट भेजा गया।
आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन जब्त किया गया।
राजस्थान पुलिस का सहयोग:
आरोपी की गिरफ्तारी में डीग पुलिस का विशेष सहयोग रहा। बालाघाट पुलिस ने राजस्थान पुलिस का आभार व्यक्त किया है।
महत्वपूर्ण भूमिका:
इस अभियान में नगर पुलिस अधीक्षक सुश्री वैशाली सिंह, निरीक्षक कामेश कुमार धूमकेती, उपनिरीक्षक सतेंद्र सिंह भदौरिया, अभिलाष मिश्रा, सउनि. दिनेश पंचेश्वर एवं साइबर नोडल थाना टीम (आर. सुभाष देवासे, मआर. मेघा तिवारी, मआर. शिखा मिसारे, आर. गौरव बारसागड़े, आर. भूपेंद्र पटले, आर. रविशंकर) की सराहनीय भूमिका रही।
पुलिस की अपील:
साइबर अपराधों से सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध लिंक या कॉल पर विश्वास न करें और तत्काल साइबर क्राइम पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें।













