
बालाघाट में जिला स्तरीय एक जिला-एक उत्पाद मेला सह प्रदर्शनी का भव्य आयोजन
चिन्नौर चावल को मिली विशेष पहचान
हजारों किसानों ने की उत्साहपूर्वक सहभागिता
“किसान कल्याण वर्ष 2026” के अंतर्गत बालाघाट जिले में पांच दिवसीय कृषि मेला सह प्रदर्शनी के तहत जिला स्तरीय एक जिला–एक उत्पाद (ओडीओपी) मेला का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कमला नेहरू सामुदायिक भवन, सर्किट हाउस रोड बालाघाट में संपन्न हुआ, जिसमें जिले भर से आए किसानों, कृषि उद्यमियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मेले के अंतर्गत “बालाघाट चिन्नौर” चावल को केंद्र में रखते हुए एक दिवसीय स्टॉफ प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इसमें कृषि वैज्ञानिकों और विषय विशेषज्ञों द्वारा चिन्नौर चावल के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन तथा विपणन के आधुनिक तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी गई। प्रशिक्षण में कृषि विभाग, आत्मा समिति, उद्यानिकी विभाग और मंडी समिति के अधिकारी-कर्मचारियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक वारासिवनी श्री विक्की पटेल, जिला पंचायत कृषि स्थायी समिति के सभापति श्री तामेश्वर पटले, कृषि विशेषज्ञ श्री ताराचंद बेलजी एवं संयुक्त संचालक कृषि जबलपुर श्री के.एस. नेताम के मुख्य आतिथ्य में किया गया। अतिथियों ने बालाघाट चिन्नौर चावल के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे जिले की अनमोल कृषि धरोहर बताया। विधायक श्री पटेल ने किसानों से अपील की कि वे चिन्नौर की परंपरा को सहेजते हुए इसकी गुणवत्ता बनाए रखें और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं।
मेले में प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। किसानों, एफपीओ, स्वसहायता समूहों तथा युवा कृषि उद्यमियों की सक्रिय भागीदारी ने कार्यक्रम को और भी सफल बनाया। लगभग 1000 से 1200 किसानों ने इस आयोजन में सहभागिता की।
मेले का मुख्य आकर्षण चिन्नौर चावल की आकर्षक प्रदर्शनी, मिलेट्स एवं चिन्नौर से बने पौष्टिक व्यंजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा स्वसहायता समूहों द्वारा तैयार व्यंजन रहे। अतिथियों और किसानों को चिन्नौर से बनी स्वादिष्ट खीर परोसी गई, जिसे सभी ने सराहा।
कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि श्री फूलसिंह मालवीय, कृषि महाविद्यालय वारासिवनी के अधिष्ठाता डॉ. घनश्याम देशमुख, कृषि विज्ञान केंद्र बड़गांव के प्रमुख डॉ. एस.आर. धुवारे, वैज्ञानिक डॉ. शरद बिसेन सहित कृषि विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
ओडीओपी मेला का मुख्य उद्देश्य बालाघाट चिन्नौर चावल को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना, किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाना है। इस आयोजन ने जिले के किसानों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया है तथा कृषि विकास के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।













