बालाघाट ब्यूरो रिपोर्ट

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खरीदी बंद के बाद भी नहीं हो रहा परिवहन ,उपार्जन केंद्र के प्रभारी, प्रबंधक की चिंता बड़ी, आखिर शॉर्टेज के जिम्मेदार होंगे कौन ?
बालाघाट। जिले के खरीदी केंद्र में धान परिवहन नहीं होने से गंभीर स्थिति बनती जा रही है। केंद्र परिसर में खुले आसमान के नीचे धान पड़ी हुई है। बारिश की संभावना के चलते धान बोरियों के खराब होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे खरीदी केंद्र प्रभारी और कर्मचारी भारी तनाव में नजर आ रहे l
वहीं धान का समय पर परिवहन नहीं होने का सीधा असर किसानों पर भी पड़ रहा है। धान उठाव नहीं होने के कारण किसानों के खातों में भुगतान की राशि नहीं पहुंच पा रही है, जिससे उनमें भी नाराजगी देखी जा रही है वहीं खरीदी प्रभारी,प्रबंधक बताते हैं कि स्थिति और भी चिंताजनक इसलिए है क्योंकि धान में शॉर्टेज होने की स्थिति में खरीदी केंद्र प्रभारी को नोटिस जारी कर दिया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि कम वेतन पाने वाला कर्मचारी आखिर शॉर्टेज की दोहरी मार कैसे झेलेगा, जबकि समस्या परिवहन व्यवस्था की है, जो कि अनुबंध में साफ लिखा हैं कि 72 घंटे के अंदर परिवहन किया जाना है , जहां स्थानीय स्तर पर कई बार संबंधित विभाग को अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। खुले में रखे धान के खराब होने का खतरा दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, जिसका खामियाजा खरीदी केंद्र के कर्मचारियों और किसानों को भुगतना पड़ सकता है, वही विपक्ष में बैठे पार्टी का कहना हैं कि डबल इंजन की सरकार कहने वाले इंजन में ब्रेक किसने लगाई, जनता को जवाब दीजिए या जिम्मेदार पद पर बैठे अधिकारी को तुरंत प्रभाव से हटाएं, वही जिले के खरीदी केंद्र प्रभारी प्रबंधक का कहना हैं कि जिले के जिम्मेदार अधिकारियों और जिला कलेक्टर से लगातार मांग की जा रही है कि वे इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान दें, ताकि धान का शीघ्र परिवहन हो सके और संभावित नुकसान से बचा जा सके।













